August 24, 2026

एक अद्भुत शास्त्रीय नुस्खा है औषधि खीर – वैद्य टेक वल्लभ

रुड़की : महाकाल रामेश्वर धाम फिरोजपुर, रुड़की एवं भारत तिब्बत सहयोग मंच रुड़की के संयुक्त तत्वावधान में जन स्वास्थ्य और कल्याण के उद्देश्य से आज नगर निगम हाल रुड़की में एक भव्य और निशुल्क औषधि खीर वितरण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर विशेष रूप से दमा, श्वास, टीबी और पुरानी खांसी जैसे रोगों से मुक्ति दिलाने के लिए आयोजित किया गया था।

महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद जी ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर और हिंदू रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रबोधानंद जी महाराज ने मंगलाचरण के साथ दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार रखते हुए स्वामी प्रबोधानंद जी महाराज ने इस पहल की सराहना की और कहा कि, “ऐसे कार्यक्रम जन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने और लोगों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से जोड़ने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। हमें नियमित रूप से ऐसे आयोजन करते रहने चाहिए।”

16 कलाओं से परिपूर्ण चंद्रमा की शक्ति: औषधि खीर का महत्व

इस निशुल्क शिविर में वितरित की गई औषधि खीर के निर्माता और वरिष्ठ समाजसेवी वैद्य टेक वल्लभ ने इस विशिष्ट खीर के पीछे का विज्ञान और महत्व विस्तार से समझाया।

वैद्य टेक वल्लभ ने बताया कि:

“वर्ष भर में चंद्रमा शरद पूर्णिमा के दिन अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है, जिसका अर्थ है कि इस दिन चंद्रमा की शक्ति उच्चतम स्तर पर होती है।”

उन्होंने कहा कि इस शक्ति को जड़ी-बूटियों द्वारा निर्मित खीर में समाहित किया जाता है। शरद पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और मार्गशीर्ष (अगहन) की पूर्णिमा के दिन इस विशेष खीर का सेवन प्रातः काल खाली पेट कराया जाता है।

वैद्य टेक वल्लभ ने यह भी स्पष्ट किया कि यह खीर न केवल उन लोगों के लिए लाभकारी है जो पहले से ही श्वास संबंधी रोगों से पीड़ित हैं, बल्कि जिनको यह रोग नहीं हैं, यह उनके लिए भी एक उत्तम उपाय है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करती है और इन रोगों से बचाती है। उन्होंने शिविर में उपस्थित लोगों को रोगों से बचने के लिए अनेक उपाय और सावधानियां भी विस्तार से बताईं।

लाभार्थियों ने साझा किए अपने अनुभव: ‘वास्तव में चमत्कारी है यह खीर’

निशुल्क शिविर में ऐसे कई लोग उपस्थित थे जो पूर्व में इस औषधि खीर का लाभ ले चुके थे। उन्होंने मंच पर आकर अपने सकारात्मक अनुभव साझा किए। अमोल गोयल, अनीता, नरेश कुमार, रामकुमार उपाध्याय, संगीता, अशोक कुमार और रामकिशन नारशन सहित अनेक लोगों ने एक स्वर में बताया कि यह औषधि खीर वास्तव में लाभकारी है। उन्होंने बताया कि दमा, सांस, टीबी और पुरानी खांसी जैसी पुरानी तकलीफों में उन्हें बहुत अधिक लाभ मिला है और उनकी जीवनशैली में सुधार हुआ है।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति और आभार व्यक्त

कार्यक्रम में कई सामाजिक एवं राजनीतिक हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और अपने विचार रखे। इनमें हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अंकुश राज एडवोकेट, परशुराम सेवा के प्रदेश अध्यक्ष पंडित आशीष एडवोकेट, राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी देवेंद्र टिकोला और डॉक्टर गोपाल राजू प्रमुख रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता शांतरशाह गद्दी के गद्दी नशीन महंत जोगेंद्र दास ने की। समापन पर महंत जोगेंद्र दास ने वैद्य टेक वल्लभ और इस कार्यक्रम के सभी सहयोगियों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया, जिनके प्रयासों से यह जन कल्याणकारी शिविर सफल हो सका।

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