August 26, 2026

देहरादून में बांग्लादेशी नागरिक फर्जी दस्तावेज़ों संग गिरफ्तार, स्थानीय महिला भी हिरासत में

देहरादून पुलिस ने फर्जी पहचान पत्र बनवाकर शहर में अवैध रूप से रहने के आरोप में एक बांग्लादेशी नागरिक और त्यूणी की एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी—मेहरपुर (बांग्लादेश) के मामून हसन और त्यूणी निवासी रीना चौहान—नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में किराए पर रह रहे थे और भारतीय दस्तावेज़ों का फर्जी उपयोग कर रहे थे।

जांच में सामने आया कि दोनों की दोस्ती फेसबुक पर हुई थी। वर्ष 2019 से 2021 के बीच मामून तीन बार टूरिस्ट वीज़ा पर भारत आया और रीना से मिला। वर्ष 2022 में मामून कथित रूप से रीना को अवैध रूप से बांग्लादेश ले गया, जहां दोनों ने शादी की। इसके बाद दोनों बिना वैध दस्तावेज़ों के पुनः भारत में प्रवेश कर देहरादून में रहने लगे।

पुलिस के अनुसार रीना ने अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम का उपयोग करते हुए मामून के लिए फर्जी आधार, पैन और अन्य पहचान पत्र तैयार करवाए। इन दस्तावेज़ों की मदद से मामून देहरादून के एक क्लब में बाउंसर के रूप में काम कर रहा था और खुद को ‘सचिन चौहान’ बताता था। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज़ बरामद कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

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अधिकारियों ने कहा कि फर्जी दस्तावेज़ तैयार कराने में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। ऑपरेशन कालनेमी के तहत देहरादून पुलिस अब तक 16 बांग्लादेशी नागरिकों पर कार्रवाई कर चुकी है—जिनमें नौ को डेपोर्ट किया गया और सात को जेल भेजा गया। पुलिस के अनुसार ऐसे मामले दस्तावेज़ सत्यापन में गंभीर खामियों और सख्त निगरानी की आवश्यकता को उजागर करते हैं।

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