May 14, 2026

देहरादून में पुलिसकर्मी ही निकला ठग, सरकारी नौकरी के नाम पर ₹15.21 लाख हड़पे

देहरादून – उत्तराखंड पुलिस की साख पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद एक उप निरीक्षक और उसका साथी नौकरी दिलाने के नाम पर ठग निकले। आरोप है कि दोनों ने एक सरकारी कर्मचारी से ₹15.21 लाख हड़प लिए और जब पीड़ित न्याय की गुहार लगाता रहा, तो पुलिस ने महीनों तक कार्रवाई ही नहीं की। अंततः अदालत के आदेश पर मामला दर्ज हुआ।

शिकायतकर्ता विनोद कुमार, निवासी कुंज विहार, कारगी चौक, शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में उनकी मुलाकात उप निरीक्षक मनोहर गुसाईं (निवासी केदारपुरम, नेहरू कॉलोनी) से हुई, जिसने अपने सहयोगी धीरेंद्र चौहान (सैनिक कॉलोनी, खेरी गांव) से मिलवाया। दोनों ने उनके बेटे सुमित कुमार को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।

दो वर्षों में दोनों ने मिलकर विनोद से ₹15.21 लाख ऐंठ लिए। पीड़ित ने यह रकम बैंक लोन लेकर दी थी। पैसे लेने के बाद आरोपियों ने न तो नौकरी दिलाई और न ही रकम लौटाई। उल्टा, पीड़ित को झांसा देने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र तक भेजे गए।

विनोद कुमार ने जनवरी और जुलाई में पटेलनगर थाने और एसएसपी कार्यालय में लिखित शिकायतें दीं, लेकिन पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। आखिरकार, जब कानून के रखवाले ही कानून तोड़ने लगें, तो आम नागरिक न्याय की उम्मीद किससे करे?

आख़िर में पीड़ित को एसीजेएम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश के बाद ही एफआईआर दर्ज की गई। पटेलनगर थाना प्रभारी चंद्रभान अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

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यह मामला न केवल पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि शिकायतकर्ता को न्याय पाने के लिए कितनी लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है, जब आरोपी वर्दी में हों।

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