August 26, 2026

विधवा शोभा को जिला प्रशासन ने दिलाई राहत, इतने का किया ऋण माफ

देहरादून, 30 सितम्बर – जिला प्रशासन देहरादून अपने त्वरित और कड़े एक्शन से आमजन का भरोसा जीत रहा है। शिक्षा, रोजगार, ऋणमाफी और संपत्ति वापसी जैसे मामलों में लगातार हो रही कार्रवाई से शासन-प्रशासन की न्यायप्रिय छवि और मजबूत हुई है। इसका ताजा उदाहरण है दिव्यांग बेटे और बेटी की परवरिश कर रही विधवा शोभा रावत, जिनका 17 लाख रुपये का बीमित ऋण प्रशासन के हस्तक्षेप से माफ कर दिया गया और घर के कागजात उन्हें वापस सौंपे गए।

शोभा रावत, पत्नी स्व. मनोज रावत, ने 2024 में अपने पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद से दो बच्चों की जिम्मेदारी अकेले उठाई। उनका बेटा 100 प्रतिशत दिव्यांग है और बेटी पढ़ाई कर रही है। परिवार पहले से आर्थिक संकट में था, वहीं आईसीआईसीआई बैंक के 17 लाख रुपये के लोन की अदायगी का दबाव जीवन को और कठिन बना रहा था। बीमा से 13.20 लाख रुपये क्लेम के रूप में समायोजित किए गए थे, परंतु शेष 5 लाख रुपये की वसूली के लिए बैंक लगातार दबाव बना रहा था।

पिछले सप्ताह देर शाम शोभा अपने परिवार के साथ जिलाधिकारी सविन बंसल से मिलीं और अपनी व्यथा सुनाई। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम न्याय कुमकुम जोशी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। दस दिनों तक निरंतर फॉलोअप के बाद बैंक को सोमवार तक समय सीमा दी गई कि यदि नो ड्यूज जारी नहीं किया गया तो शाखा की संपत्ति कुर्क कर नीलामी कर दी जाएगी। प्रशासन की सख्ती का नतीजा यह रहा कि बैंक अधिकारियों ने शोभा के घर जाकर उन्हें नो ड्यूज प्रमाणपत्र सौंपा और घर के कागजात लौटा दिए।

जिला प्रशासन की इस पहल से शोभा के जीवन में नई रोशनी आई है। अब उन्हें न तो घर गंवाने का डर है और न ही बच्चों की पढ़ाई और परवरिश में रुकावट। प्रशासन की न्यायप्रिय और संवेदनशील कार्रवाई से जनमानस में विश्वास और गहरा हुआ है। लोग कह रहे हैं कि समस्या कितनी भी विकट क्यों न हो, जिला प्रशासन हर असहाय परिवार के साथ खड़ा है।

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