ओलावृष्टि ने उजाड़ी किसानों की मेहनत, मुआवजे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन
रिपोर्ट: गोपाल सिंह रावत
बड़कोट। नौगांव विकासखंड के ठकराल, बनाल और गीठ क्षेत्र में हाल ही में हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। अचानक हुई तेज ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी गेहूं, आलू समेत अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं, वहीं बागवानों के पेड़ों पर लगे फल भी भारी नुकसान की चपेट में आ गए।
प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों ने अब शासन से राहत की गुहार लगाई है। स्यालब ग्राम प्रधान के प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी बड़कोट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर प्रभावित किसानों और बागवानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि 2 मई 2026 को पूरे यमुनाघाटी क्षेत्र में हुई अत्यधिक ओलावृष्टि ने किसानों की आर्थिक रीढ़ तोड़ दी है। खेतों में तैयार खड़ी फसलें देखते ही देखते तबाह हो गईं। गेहूं, आलू और अन्य मौसमी फसलों के साथ-साथ बागवानी को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इससे क्षेत्र के किसानों और बागवानों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि उनकी आजीविका का मुख्य आधार खेती और बागवानी ही है।
प्रतिनिधिमंडल ने शासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल स्थलीय सर्वेक्षण कराया जाए और नुकसान का सही आकलन कर किसानों को शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही फसल बीमा योजना के अंतर्गत भी प्रभावित किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की गई है, ताकि वे इस आपदा से उबर सकें और दोबारा खेती के लिए तैयार हो सकें।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली, तो प्रभावित परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट और गहरा सकता है। ऐसे में शासन-प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की अपेक्षा की जा रही है।
ज्ञापन सौंपने वालों में कालिंदी मंडल भाजपा अध्यक्ष प्रवीण असवाल, ग्राम प्रधान स्यालब जयप्रकाश सिंह रावत, आजाद डिमरी, तरवीन राणा, संतोष चौहान और कपिल राणा शामिल रहे।
