विश्व प्रसिद्ध अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू, जानें कैसे जाएँ और क्या करना है।

यात्रा।
अमरनाथ यात्रा जम्मू और कश्मीर में पवित्र अमरनाथ गुफा की एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थयात्रा है, जो इस साल 3 जुलाई, 2025 से शुरू होकर 9 अगस्त, 2025 को समाप्त होगा। जिसमें हर साल हजारों भक्त भगवान शिव के प्रतीक और प्राकृतिक रूप से उकेरे गए शिव लिंगम की पूजा करने के लिए इस स्थान पर जाने के लिए कठिन यात्रा करते हैं। अगर आप भी इस साल अमरनाथ यात्रा में शामिल होने जा रहे हैं, तो बता दें, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में जानते हैं, कैसे करना है रजिस्ट्रेशन और किन जरूरी बातों का रखना है ध्यान, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़ें।
अमरनाथ यात्रा साल 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन 14 अप्रैल, 2025 को शुरू हो चुका है। जो भी तीर्थयात्री इस यात्रा में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें आधिकारिक श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) की आधिकारिक वेबसाइट jksasb.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन या भारत भर में 540 से अधिक अथॉराइज्ड बैंक ब्रांच में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
अगर आप ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाते हैं, तो बता दें, ऑफलाइन ऑप्शन भी मौजूद है। तीर्थयात्री ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करने के लिए अप्रूवल किए गए रजिस्ट्रेशन सेंटर या स्पेसिफिक बैंक ब्रांच में ऐसा कर सकते हैं। आमतौर पर चुने गए यात्रा दिवस से तीन दिन पहले, वैष्णवी धाम, पंचायत भवन और महाजन हॉल जैसी जगहों पर टोकन पर्चियां दी जाती हैं। तीर्थयात्री आधिकारिक रजिस्ट्रेशन और मेडिकल चेकअप के लिए अगले दिन सरस्वती धाम जाना होता है, इसके अलावा, उन्हें जम्मू में रजिस्ट्रेशन सेंटर से अपने RFID कार्ड लेने होंगे।
सभी तीर्थयात्रियों के लिए कंपलसरी हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC) अनिवार्य है। बता दें, अथॉराइज्ड मेडिकल इंस्टीट्यूट से प्राप्त यह सर्टिफिकेट तीर्थयात्रियों की फिटनेस की पुष्टि करता है। ऐसे में इस सर्टिफिकेट का होना जरूरी है।