सड़क दुर्घटना का शिकार हुए युवक के परिजनों ने उपचार में लापरवाही और समय पर सूचना न देने का आरोप लगाते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की

फाइल फोटो- सचिन
बड़कोट। सड़क दुर्घटना का शिकार हुए युवक के परिजनों ने जिला अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ उपचार में लापरवाही और परिजनों को समय पर सूचना न देने का आरोप लगाते हुए डीएम को लिखित शिकायत में मामले की जाँच कर दोषियों के विरुद्ध शासकीय एवं न्यायिक कार्रवाई करने की मांग की।
बताते चलें कि तहसील बड़कोट के फरी गांव निवासी सचिन (29) पुत्र शैलेन्द्र सिंह वन निगम स्केलर की शारीरिक दक्षता परीक्षा में सम्मिलित होने उत्तरकाशी मुख्यालय गया था, उसी दिन शाम को लगभग 6 बजे सचिन के साथ सड़क हादसा हुआ। लगभग 7 बजे सचिन को गम्भीर अवस्था में उत्तरकाशी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गम्भीर होने पर सचिन को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया जहाँ उपचार के दौरान 30 मई को उसकी मौत हो गई।
सचिन के पिता ने डीएम को लिखित शिकायत में उत्तरकाशी जिला अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय और सम्बन्धित डॉक्टर द्वारा परिजनों को घटना की कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने पत्र में कहा कि कोई इंसान जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रहा है लेकिन उनके परिवारजनों को लगभग 17 घंटे बाद अवगत कराया जा रहा है कि सचिन दुर्घटनाग्रस्त है। इतनी गंभीर अवस्था में अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर द्वारा न कोई परिवारजनों को अवगत कराया गया और नहीं उच्च सुविधायुक्त हायर सेंटर को रेफर किया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर उपचार न मिलने के कारण सचिन की मृत्यु हुई है। कहा कि सचिन के दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी लगभग 17 घंटे तक न दिए जाने के पीछे सम्मिलितों की जानबूझकर कोई गलत रणनीति थी जिसके कारण उनका पुत्र इस दुनिया से असमय चला गया। उन्होंने सम्बन्धित चिकित्सक व अन्य के द्वारा अपने कर्तव्य और दायित्व के प्रति उदासीनता तथा स्वर्गीय सचिन के उपचार में लापरवाही की जाँच कर दोषियों के विरुद्ध शासकीय एवं न्यायिक कार्रवाई करने की मांग की है।